Friday, January 27, 2012

How the rice plant might have got its names चावल के पौधे का नामकरण कैसे हुआ होगा

 

Can there be any similarity between Barkha Dutt and a rice plant? Oh yes, the same Barkha Dutt! No, I’m not joking. In recent years the molecular biologists have shown that human and plants have a lot of genetic similarity. The DNA sequences of about 20% genes in humans and rice plant are similar. That means, not only Barkha but all of us are distantly related to the rice plant. But Barkha’s relationship is deeper. It is in the name. How? Let’s travel in the time-machine to thousands of years back, where our ancestors are naming the rice plant…. 
They eat tubers, roots and fruits. There is this plant without tubers, edible roots or fruits. Yet, it allures. It is a cereal plant. Ancestors don’t eat it. Haven’t tasted the grains yet.  But the plant attracts them because birds and animals are eating its seeds. How to name it? Listen attentively what the ancestors are saying:
It grows only in the rainy season. Hence: VARSHA or VARSHI (Sanskrit, = rain, rainy).
Seems as if an alien asks us the name of a plant that we don’t know about. We reply: “rainy plant”. The visitors returns and tells his people the “rainy” as the new name.  Interestingly, we in India love to name not only the plants but our kids as well after the words for seasons: Barkha Dutt, Varsha Usagaonkar, Sharda, Sharad Joshi, Shishir Bose, Hemant Kumar, Vasant Dev, Basanti, Greeshma.
Let’s now get back to our times and see how in the thousands of intervening years “VARSHA/ VARSHI” undergo changes in different parts of the world…. 
भला चावल के किसी पौधे और बरखा दत्त में कोई समानता हो सकती है? हाँ, हाँ, उसी बरखा दत्त में! नहीं, मैं मज़ाक नहीं कर रहा हूँ। पिछले कुछ वर्षों में मोलिक्युलर जीव-वैज्ञानिकों ने सिद्ध कर दिया है कि मनुष्य और पौधों के आनुवांशिक तत्वों में काफी समानता है। मनुष्य और चावल के आनुवांशिक जीनों के डीएनए-क्रम में लगभग 20% समानता पायी गयी है। यानी, बरखा दत्त ही नहीं, हम सब भी चावल के पौधे के बहुत दूर के रिश्तेदार हैं! पर बरखा का रिश्ता कुछ और गहरा है। यह रिश्ता है, नामकरण का। कैसे? चलिये, आज हम टाइम-मशीन में चलें, हजारों वर्ष पहले, जहां हमारे पुरखे चावल के पौधे का नामकरण कर रहें हैं .....

अभी, हमारे पुरखे कंद-मूल-फल ही खाते हैं। एक पौधा है जिसमे न कंद है, न मूल, न ही फल। फिर भी उन्हें बार-बार आकर्षित कर रहा है। यह अनाज का पौधा है। पुरखे अनाज नहीं खाते हैं। उन्होंने  इस पौधे के अन्न का स्वाद भी नहीं चखा है, किन्तु  यह पौधा उन्हें लुभाता है क्योंकि पशु-पक्षी इसके बीज खाते हैं। क्या नाम दें इसे? सुनिए ध्यान से, पुरखे क्या कह रहें हैं:

यह पौधा उगता है, केवल वर्षा ऋतु में। वर्षा में आया, अतः “वर्षा या वर्षी!”
यह तो कुछ ऐसी बात हुई कि कोई विदेशी हमसे किसी पौधे का नाम पूछे, हमें पता न हो तो और हम कह दें: 'बरसाती पौधा'; और विदेशी अपने देश में जा कर उस पौधे का नाम 'बरसाती' ही प्रचारित कर दे!  लेकिन मज़ेदार बात यह है कि हम आज तक अपने पुरखों की तरह ही अपने पौधे ही नहीं, बच्चों के नाम ऋतुओं पर रखते आ रहें हैं: बरखा दत्त, वर्षा उसागाओंकर, फाल्गुनी पाठक, शारदा, शरद जोशी, शिशिर बोस, हेमंत कुमार, वसंत देव, बसंती, ग्रीष्मा। 

चलिये लौट चले, अपने समय में और रास्ते में देखें कि इन हजारों वर्षों में यह "वर्षा / वर्षी" कहाँ कहाँ जा पहुंचा और इसके नाम कैसे बदल गए.....



Direction 1
दिशा 1
VARSHA (= rain, Sanskrit)
VARSHI (=rainy, Sanskrit)
putative original words for rice
वर्षा / वर्षी
(चावल के लिए संस्कृत में अनुमानित सबसे पहले शब्द)
VARHI
व्रही
VRIHI (= rice, Sanskrit)
व्रीही (=चावल, संस्कृत)
BRIHI
ब्रिही
BRIJI> VRIZE (Pashto)
ब्रिजी > वृजी (पश्तो)
BRIJI> BRIZI (Old Persian)
ब्रिजी > ब्रिज़ी (पुरानी फारसी)
BRINZI> BRNJ (Persian)
ब्रींजी > ब्रंज (फारसी)  
BRINJI
बृंजी
BRINCHI
बृंची
BRINC
बृंक
BIRINC (Kurdish)
बिरिंक (कुर्दिश)
PIRINC (Turkish)
पिरिंक (तुर्किश)
**

Direction 2
दिशा 2
VARSHI > VRIHI (=rice, Sanskrit)
वर्षी > वृही (संस्कृत)
VIHI
विही
BIHI
बिही
BOHA
बोहा
POHA (beaten rice, Hindi)
पोहा (उबले कुटे हुए चावल के लिए हिन्दी में)
**

Direction 3
दिशा 3
VRIHI
वृही
VRIJI
वृजी
VRIDI (Telugu)
वृदी  (तेलुगू)
VADIRI
वादिरी
VADILI
वादिली
VADLU (Telugu)
वादलू (तेलुगू)
Direction 4
दिशा 4
VARSHA VARSHA
वर्षा वर्षा
SHAVAR > SHOWER
शावर
SHAVAL
शावल
CHAVAL > CHAYAL>      CHAL (Bengali)
चावल > चायल > चाल (बांग्ला)  
CHAVAL (HINDI)
चावल (हिन्दी)
CHAVAR
चावर
CHARVA
चारवा
CHIRHVA (beaten rice, Hindi)
चिड़वा (हिन्दी)
CHIVRHA (beaten rice, Hindi)
चिवड़ा (हिन्दी)
**

Direction 5
दिशा 5
VARSHA
वर्षा
VARSHA VARSHA
वर्षा वर्षा
SHAVAR/SHOWER
शावर
SHAYAL
शायल
SYALI (Sanskrit, Avadhi)
स्याली (संस्कृत, अवधी)
SALI (Avadhi)
साली (अवधी )
SELA (par-boiled rice, HINDI)
सेला (भूसे सहित उबाला गया चावल, हिन्दी में)
**

Direction 6
दिशा 6
VARSHA
वर्षा
YARSA
यरसा
YARISI
यारिसी
ARISI (Tamil)
आरिसी (तमिल)
ARIHI
आरीही
ARI (Malyalam)
अरी (मलयालम)
**

Direction 7
दिशा 7
VARSHI
वर्षी
YARSI
यरसी
ORASI/ ARISI (Tamil)
ओरसी / आरिसी (तमिल)
ORUZA (Greek)
ओरुजी (ग्रीक)
ORIZA (Latin)
ओराइज़ा (लैटिन)
OREZ (Romanian)
ओरेज (रोमानियन)
ARROZ (Portugese, Spanish)
अर्रोज (पुर्तगाली, स्पेनी)
RISO/ RISI (Italian)
रिसो/ रिसी (ईटालियन)
RIS (Old French)
रिस (पुरानी फ्रेंच)
REIS (Welsh, German)
रीअस (वेल्श, जर्मन)
RYZIAI (Lithuanaian)
रायजियाई (लिथुआनियन)
Riza (Serbian, Croatian)
रिजा (सर्ब, क्रोशोयन)
RYZ (Polish)
रायज (पोलिश)
RIJST (Dutch)
रिज्त (डच)
RYS (Middle English)
रयस (मध्य अङ्ग्रेज़ी)
RICE (English)
राइस (अङ्ग्रेज़ी)
**

Direction 8
दिशा 8
SYALI/ SELA/ SALI
(from Direction 5)
स्याली / सेला / साली ( दिशा 5 से)
SWALI
स्वाली
HWALI
हवाली
YWALI
यवली
WALI (SWAHILI)
वली (स्वाहिली)
**

Direction 9
दिशा 9
SYALI (from Direction 5)
स्याली (दिशा 5 से )
SSAL (Korean)
SHARI (Japanese word for flavoured rice used in Sushi)
स्सल (कोरियन)
शारी (सुशी में प्रयोग होने वाले सुगंधित चावल के लिए जापानी शब्द)
**

Direction 10
दिशा 10
SYALI (from Direction 5)
स्याली (दिशा 5 से)
CHYALI
च्याली
CAYALI
कयली
CAYLUA (Vietnamese)
कयुला (वियतनामी)
**

Direction 11
दिशा 11
VARSHI
वर्षी
BARJI
बरजी
BARDI
बरदी
BADI
बयदी > बादी
BAD
बाद
BHAT (Marathi, Hindi)
भात (मराठी, हिन्दी)
BHATT (Kannada)
भात्त  (कन्नड़)
**

Direction 12
दिशा 12
VARSHI
वर्षी
BARSHI

बरशी
BRAS/ BERAS
(=milled rice, Austronesian)
ब्रास / बेरास  (आस्ट्रोनेशियन )
Direction 13
दिशा 13
BHAT (from Direction 11)
भात
PAT
पात
PAD
पैड
PADI (Indonesian, Austronesian)
पैडी (इंडोनेशियन, आस्ट्रोनेशियन)
PARHI
पैड़ी
PARAY (Austronesian)
पैरी (आस्ट्रोनेशियन)
**

Direction 14
दिशा 14
PADI (from Direction 13, Indonesian, Malasian, Austronesian)
पैडी (दिशा 13 से )
PADDY (English)
पैडी
PANDY
पैंदी  
PANDYN
पैंदीन
PANTUN (JAVANESE)
पैंतुन (जावानीस)
**

Direction 15
दिशा 15
VARSHI
वर्षी
BARSHI
बर्षी  
MARSHI
मर्षि
MAYSHI
मयशि
MESHI (JAPANESE)
मेषी (जापानी)
MEHI
(मेही)
MEYI
(मेयि)
MI (Japanese)
मी (जापानी)
**



We are back from the time machine. Let’s see what the dictionary says about what we saw in our journey.  

But before that: Barkha Dutt’s name is also derived from VARSHA > BARSHA> BARKHA.
अब हम टाइम मशीन में यात्रा से लौट आए हैं। अब देखते हैं की शब्दकोशों में क्या वह सब लिखा है जो हमने अपनी यात्रा में देखा–सुना? पर उससे पहले बता दूँ कि बरखा दत्त का नाम भी वर्षा से ही निकला है: वर्षा > बर्षा > बर्खा > बरखा।   
**
Word Origin & History
mid-13c., from O.Fr. ris, from It. riso, from L. oriza (cf. It. riso), from Gk. oryza "rice," via an Indo-Iranian language (cf. Pashto vrize, O.Pers. brizi), ultimately from Skt. vrihi-s "rice." The Greek word is the ultimate source of all European words (cf. Welsh reis, Ger. reis, Lith. rysai, Serbo-Cr. riza, Pol. ryż). Introduced 1647 in the Carolinas. Rice paper (1822) is made from a reed found in Taiwan.

Online Etymology Dictionary, © 2010 Douglas Harper 



This post is dedicated to my scientist friends who are working with DNA of rice.
AT UNIVERSITY OF DELHI: Prof. Akhilesh Tyagi, Prof. Jitendra Khurana, Prof Paramjit Khurana (International project on sequencing the rice DNA); Prof Anil Grover (altering DNA of rice to make plants that will not be dependent on rain). AT INDIAN COUNCIL OF AGRICULTURAL RESEARCH: Dr Neelamraju Sarla (uses DNA technology to identify varieties for rice breeding).  
यह ब्लॉग-पोस्ट चावल के डीएनए पर कार्यरत मेरे मित्रों को समर्पित है:
दिल्ली विश्वविद्यालय: प्रोफ़॰ अखिलेश त्यागी, प्रोफ॰ जितेंद्र खुराना, प्रोफ़ परमजीत खुराना (चावल के डीएनए की सीक्वेंसिंग/ क्रमण के अंतर्राष्ट्रीय प्रोजेक्ट में भागीदार); प्रोफ़॰ अनिल ग्रोवर (चावल के डीएनए में परिवर्तन करके उसे बिना वर्षा के भी उगाने लायक बना रहे हैं)। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की डा॰ नीलमराजू सरला (नई प्रजातियाँ बनाने के लिए डीएनए तकनीकी से चावल की उपयुक्त किस्मों का चुनाव करतीं हैं)।             

16 comments:

  1. The world 'shyamala' as in'shasya shyamala mataram' of the song, refers to vegetation. could स्याली have evolved from shyamala/shyamali?

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  2. The Sanskrit word SHASYA शस्य means grain; Sanskrit word SHYAMAL श्यामल means dark. The poet Bankim Chandra has used ‘SHASYA SHYAMALAM’ शस्य श्यामलां for mother India in India’s national song VANDE MATARAM while referring the dark hued fields of grain-crops. I don’t see SYALI स्याली evolving to SHYAMAL श्यामल (SYALI स्याली > SHYAMALI श्यामली > SHYAMAL श्यामल). I feel that the word SHYAMAL श्यामल has a lot of homology with Hindi SAWLA साँवला:
    CHAYA छाया (SKT., shadow) >
    CHAYAL छायल >
    SAYAL सायल >
    SAVAL सावल >
    SANVAL साँवल (dark) >
    SANBAL सांबल >
    SANMAL > सांमल >
    SHYAMAL। > श्यामल.
    The Skt. word SHASYA शस्य that means grain is said to be derived from Skt. SHAS शस (to cut) referring to harvesting. However, I believe that SHASYA शस्य may have originated from SYALI स्याली.
    SYALI स्याली >
    SSYALI स्स्यली (SSAL स्सल is rice in Korean, see Direction 9!)>
    SSYARI स्स्यरी >
    SSYAYI सस्य ;
    OR
    VARSHA वर्षा >
    YARSHA यर्षा >
    YAYSHA यय्शा >
    YASHSHYA यशश्या
    SHASHYA शश्या
    SHASYA शस्य

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  3. Dear Dr. Rajendra Gupta,
    I wanted to respond to your excellent compilation and analysis of names of rice plant in the comments section but did not know how to get past the profile part ( I do not have a google account), so this mail.
    Congratulations.
    What about the word "Dhaan"? Where did it come from? In Telugu, we also use the word "Vari" for rice crop.
    There are two books by K.T.Achaya published by Oxford university Press, Delhi, which may be useful.
    Indian Food - A historical Companion (1994)
    A Historical Dictionary of Indian Food (1998)
    With best regards,
    Chitralekha

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    1. Thanks a lot Dr Chitralekha for your comments and compliments. It feels so nice. I am new to blogging technology and don't know the use of many of its tools. But after receiving your mail, I studied about it and have changed the settings to enable comments from anyone without accounts.
      The word DHAN धान(rice in Hindi, Marathi, Telugu)comes from Sanskrit DHANYA धान्य which means rice with husk and uncooked. It is also used as general term for all grain cereals as in dhan-dhaanya poorNa धन- धान्य पूर्ण (full of money and grains). My guess on DHANYA' s origin is as follows:
      1. chann-chhan छन-छन (natural sound of shaking a pod with grain)
      2. chana चन / चना(chickpea)
      3. janaa जना
      4. danaa दना / दाना (general term for ant grain) J>D or D>J interchangeability is common in Sanskrit.
      5. dhana धाना / धान
      6. dhAnya धान्य (rice, also for all cereals)
      7. dhaAn धान

      VARI (rice in Telugu)
      1. varshi (putative original name of rice as suggested by me)
      2. varhi (vrihi is the word for rice in ancient Vedic Sa nskrit)
      3.varyi
      4. vari (rice in Telugu)
      I am grateful to you for suggesting important reading materials. I will certainly procure the books. I will greatly appreciate more comments on other posts also.
      Best wishes

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  4. Replies
    1. Thanks Chitra. There is a short break. Let's keep walking with the ancestors.
      :-)

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  5. sir really nice to travel wd words...lukng 4 many more ahead..
    thanx and regards ..charu

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    1. Thanks Charu. Welcome aboard the time machine of words!

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  6. Replies
    1. काजल जी, ब्लॉग पर आपका स्वागत है। आप दशकों से अपने कार्टूनों से सबको 'लोटपोट' कर रहे हैं। आपके स्वागत में कार्टून शब्द का डी.एन.ए. पकड़ लाया हूँ, प्रस्तुत है:
      'चिंप्पू' और 'मिन्नी' शब्दों से खेल रहे हैं, और बारी-बारी से दोहरा रहे हैं :
      चित्रण
      चिर्तण
      चार्तण
      चार्तूण
      कार्तूण
      कार्टून

      ब्लॉग पर आने के लिए और प्रोत्साहन के लिए आभार। साथ बने रहिये।

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  7. टाइम मशीन की यह यात्रा ज्ञानवर्धक है...
    यह सिलसिला चलता रहे...शुभकामनाएँ!
    चावल को क्षेत्रीय भाषा में'चाउर' भी कहते हैं|

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    1. ऋता जी 'चाउर' शब्द किस अंचल की बोली का है, अगर पता चल जाए तो ब्लॉग में अपडेट कर दूँगा। इस यात्रा में आप का साथ बना रहे। आभार।

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  8. My own feeling is this - The Sanskrit word for rice is VRIHI. From this must have come the Tamil word
    ARISI. RICE in English must have come from ARISI.

    Any takers.

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    1. Dear pkr, welcome to my blog. Yes, VRIHI is the Sanskrit word for rice (please see 'direction 1' in the article above). And I agree that rice in English came from Tamil ARISI (please see 'direction 7' above). However, I don't agree that the Tamil word ARISI came from Sanskrit VRIHI because there are thousands of examples of change from S > H in different languages but I haven't come across any example of change from H > S. I believe that Tamil ARISI came from Sanskrit VARSHI which means rainy(direction 6 above). Best wishes.

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