Friday, February 17, 2012

The origin of the words ‘tongue’ and ‘language’ ‘जीभ’ और ‘भाषा’ शब्द कहाँ से आए






When a human asked another for the first time in history: ‘SPEAK’, what word and in which language might have been uttered? Let’s ask JIBHA and BHASHI, the twins from the pre-historic times… जब पहली बार एक मनुष्य ने दूसरे को कहा होगा: बोलो’, तब किस भाषा में कहा होगा और क्या कहा होगा? चलिये यह प्रश्न हम अति-प्राचीन काल के जुड़वाँ बच्चों जीभा और भाषी से पूछते हैं...


It has been a month on this blog. It is high time that I introduce to you, two important participants in this playful journey for the search of ‘DNA of Words’. Meet the twin kids: JIBHA and BHASHI (the words JIBHA and BHASHI are corruption of the Sanskrit words for tongue and language respectively). The kids quietly came aboard my time-machine right at the commencement of the journey with ancestors to witness the creation of the first words. They have with them their pretty dog. The twins are very innocent kids, lovable indeed, yet being our ancestors they deserve a lot of respect. They follow me everywhere. I can hardly say no if they insist on coming along!     
शब्दों का डीएनए की खोज में एक महीना बीत चुका है। अब समय आ गया है कि आपको इस खेलमयी खोज-यात्रा के दो प्रमुख पात्रों से मिलवाया जाए। इनसे मिलिये। ये दो जुड़वाँ बच्चे हैं। नाम हैं, जीभा और भाषी। जब से हमने टाइम मशीन में घूमना शुरू किया है और पुरखों के पास जा पहुँचे हैं, जहां मानव इतिहास के पहले शब्दों की रचना हो रही है, तब से ही ये दोनों बच्चे चुपके से हमारी टाइम मशीन में सवार हो गए हैं। इनके साथ इन दोनों का एक प्यारा सा कुत्ता भी है। ये दोनों बच्चे हैं, सच्चे हैं, प्यारे हैं, पर हैं तो हमारे पूर्वज ही। अतः अति आदरणीय भी हैं। हम जहाँ कहीं भी जाते हैं, ये दोनों साथ चलने की जिद करते हैं। बच्चों की जिद के आगे भला हमारी क्या चलेगी!



Jibha and Bhashi speak non-stop. Their favorite game is to repeat each other’s words. However, they make one mistake each time they repeat a word! One never feels the passage of thousands of years in time machine when you see and hear them playing with words. The twins tell me how words change over the ages; and, in turn, I tell you the story in my words in this blog.   
जीभा और भाषी लगातार बोलते रहते हैं। एक दूसरे के बोले हुए शब्दों को दोहराते रहना ही इन दोनों का मन-पसंद खेल है। लेकिन हर बार पहला शब्द दोहराते हुए ये एक गलती कर देते हैं। इन्हें शब्दों से खेलते हुए, देखते हुए, सुनते हुए, टाइम मशीन में हमारी हज़ारों वर्षों की यात्रा कब कट जाती है, पता ही नहीं चलता। ये दोनों ही मुझे बताते रहते हैं कि समय के साथ शब्द कैसे बदलते हैं। और फिर, मैं उनकी कही बात इस ब्लॉग में लिख देता हूँ।    


Sometime back, I informed three linguists about Jibha-Bhashi’s word game. The linguists permitted me to bring along the twins for an audience with them.  
मैंने भाषा-विज्ञान के तीन विद्वानों को  जीभा-भाषी के खेल के बारे बताया। उनकी अनुमति से, मैं टाइम मशीन के  दोनों बच्चों जीभा-भाषी को उनसे मिलवाने के लिए ले गया।
Mr. Curious asked the kids:
श्री जिज्ञासु ने बच्चों से पूछा:

“How did you start the game?
“तुमने यह शब्दों का खेल कैसे शुरू किया।”

“Jibha had asked me: ‘speak.’ –- said Bhashi
“जीभा ने मुझे कहा था: बोल”। —भाषी बोली।
“But, there was no word for speech at that point of time. What exact word did you utter?”— asked Prof. Perfect.
“लेकिन उस समय तो बोल शब्द था ही नहीं। तुमने भाषी को क्या शब्द कहा?” – प्रोफेसर निपुण ने पूछा।   
Jibha chuckled and said:
जीभा को हँसी आ गयी। और कहा:
“Oh yes. There were no words. There were only natural sounds”. Glancing at her doggy, she continued: “Dog’s woof, sound of wind blowing through trees, murmur of moving leaves, tip-tip sound of rain drops, roar of the water falls, chirps of sparrows, crow’s caw, and coo of cuckoo and so on. I used to mimic the sounds of nature to relate to any experiences that needed an expression”.

“हाँ, उस समय तो शब्द ही नहीं थे। बस चारों ओर प्रकृति में कुछ ध्वनियाँ थी।
फिर उसने अपने कुत्ते को देखा।
“कुत्ते की भों-भों, पेड़ो के बीच से गुजरती हवा की साँय-साँय, पत्तों के हिलने की मरमर, वर्षा की बूँदों की टप-टप, झरनों की झर–झर, चिड़ियों की चीं-चीं, कौए की काँव-काँव, कोयल की कूहू-कूहू। मैं इन ध्वनियों की नकल करती थी। और इन ध्वनियों का उपयोग अपनी बात कहने के लिए करती थी।
Dr Analytical interrupted her: “what exactly did you tell Bhashi when you wanted to say ‘speak’. I mean what exact ‘word’?

डा॰ विवेचक ने बीच में टोका: “भाषी को बोलने के लिए आपने कैसे कहा? क्या शब्द कहा?”

“That is what I was telling you,” said Jibha. She had another glance at her doggy. “When my doggy has to speak, it says: BHOK. I told Bhashi exactly that. ‘BHOK’. And she understood. That was the beginning of our eternal game of words.” The twins had a hearty laugh.  
“वही तो बता रही थी”। जीभा ने कहा। फिर कुत्ते की ओर देखा और कहती गयी:
“जब मेरा कुत्ता बोलता है, तो भोक-भोक बोलता है। मैंने भाषी को बोलने के लिए कहना चाहा तो मुंह से निकला:  “भोक”। भाषी समझ गयी, और बोलने लगी। बस इस तरह हमारा शब्दों का खेल शुरू हुआ”। दोनों खिलखिलाकर कर हँस पड़ीं। 

“What next”

Come on Jibha. Let’s replay the oldest game for Sir.”— said Bhashi
“आगे क्या हुआ”।

“चल जीभा, सर के लिए आज फिर से वही सबसे पुराना खेल खेलें।– भाषी बोली।
As the twins began their game, new words began to float in air in front of our eyes and echoed in our ears...  
दोनों ने शब्दों का खेल खेलना शुरू किया। हवा में हर क्षण नए शब्द हमारी आँखों के सामने तैर कर कानों में गूंजने लगे...

Game 1
खेल 1
“bhok” –- Jibha initiated. 
"भोक"-- जीभा ने शुरू किया
“bhoka” –- replied Bhashi.
"भोका" -- भाषी बोली
“bhaka”— said Jibha
"भाका" -- जीभा ने कहा
“bhacha” – Bhashi said
"भाचा " -- भाषी बोली:
“bhaja” – Jibha said 
"भाजा"  –- जीभा ने कहा
“BHASHA” (word for language in Sanskrit, Hindi, Marathi, Malyalam) – said Bhashi
"भाषा" (संस्कृत, हिन्दी, मराठी, मलयालम) – भाषी बोली।    
“BAHASA” (Indonesian, Malay)
Both clapped: “this game is over”.
"बहासा" (इंडोनेशियन, मलय)
"यह खेल खतम"-- दोनों ने तालियाँ बजायीं।

“Interesting game” – Mr Curious chuckled.

“This is kiddish. Why are you wasting our time?” – Prof Perfect was annoyed.
But by now the next inning had begun…
“Let’s play again,” Jibha said.
   
"रोचक खेल है"-- जिज्ञासु जी हँसे।

"ये क्या बचपना है, क्यों हमारा समय नष्ट कर रहे हो"—प्रो॰ निपुण गुस्साए।

लेकिन तब तक खेल की अगली पारी शुरू हो गयी थी...
“चल फिर से खेलें... ” 

Game 2
खेल 2
bhok
भोक
bhoka
भोका
bhaka
भाका
bhacha
भाचा
bhaja
भाजा
jabha (reverse of jabha)
जाभा (भाजा का उल्टा)
jibha
जीभा
jibaha
जिबहा
jivha
जीवहा
JIHVA (Sanskrit word for tongue)
जिह्वा (संस्कृत)
jihval
जिह्वल
jiyval
जिय्वल
giyval
गिय्वल
ligyav
लिग्यव 
lingyav
लिंग्यव
LINGUA (Latin for tongue, speech)
लिंगुआ (लैटिन में भाषा, जीभ)
Linguah
लिंगुआह
Linguaj
लिंगुआज
LANGUAGE (old French, middle English)
लेंगुयज (भाषा, पुरानी फ्रेंच, अँग्रेजी)
Stop all this.” – said Prof. Perfect. “Now, you mean the kids will tell me about the etymology of lingua, bhasha and jihva!”

“Sir, the root of jihva is ‘hvai ह्वै” said Dr Analytical, “And lingua has come from the proto-Indo-European *dn̥ǵʰwéhs.”
“Exactly, but the kids are playing it wrongly”. Said Prof Perfect.

But Jibha-Bhashi were at it again…
“बंद करो यह खेल” --प्रो॰ निपुण ने कहा। अब बच्चे हमें बताएँगे कि भाषा, जिह्वा, लिंगुआ शब्द कहा से आये!”

“सर जिह्वा कि मूल धातु तो ह्वै है” – डा॰ विवेचक ने कहा, और लिंगुया तो प्र–भरोपियाई शब्द दिङ्ग्वेह से आया है”।

“वही तो, लेकिन बच्चे तो कुछ और ही खेल रहें हैं” –प्रो॰ निपुण बोले।  

जीभा-भाषी अब तक फिर शुरू हो चुके थे...   
Game 3
खेल 3
ligyav (from game 2)
लिग्यव (खेल 2 से )
ligay
लिगय
lugay
लुगय  
ğa (Arabic)
लुगा (अरबी)
lugha (Swahili)
Jibha-Bhashi were unstoppable…
लुघा (स्वाहिली)
जीभा-भाषी रुकने वाले नहीं थे..
Legu
लेगू
Leju >lezu (Armenian)
लेजु (आर्मेनिक)
Lezuvis (Lithuanian)
लेजुविस (लिथुआनी)
Game 4
खेल 4
jihva
जिह्वा
jihvali
जिहवली
sivhali
सिव्हली
SWAHILI (language of East and Central Africa)
स्वाहिली (पूर्वी व मध्य अफ्रीका की भाषा)
Game 5
खेल 5
jivha
जीवहा
jivja
जीवजा
diyja
दियजा (संस्कृत में ज > द सामान्य)
diyga
दियगा
diyanga
दियंगा
dingya
दिंग्य
DINGUA (tongue, Old Latin)
दिंगुआ  (पुरानी लैटिन)
*DN̥ǴʰWÉH (tongue, speech, language; imaginary word in Proto-Indo-European)
दिङ्ग्वेह (काल्पनिक प्र-भारोपियाई शब्द)
tingua
तिंगुआ 
TONGUE
तोंगुए / टंग (अँग्रेजी)
“Oh my God” – Prof Perfect almost shouted and put his hands on ears. However, the kids continued their game.
“हे भगवान” –प्रो॰ निपुण चिल्लाए और उन्होने अपने कान बंद कर लिए। पर बच्चे खेलते ही रहे।
Game 6
खेल 6
Dingua (Latin)
दिंगुआ  (लैटिन)
Zingua
ज़िंगुआ
Zunge (German)
जुंगे (जर्मन)
Game 7
खेल 7
Jihva
जिह्वा  
zihva
ज़िहवा
Hizva (tongue, Avesta)
हिज्वा (जीभ, अवेस्ता)
Hizuva (tongue, Avesta) > hizu (tongue, Avesta)
हिजुवा (जीभ, अवेस्ता)> हिजु (जीभ, अवेस्ता)
Hizuba
हिजुबा
Hizuban (tongue, Middle Persian)
हिजबान (जीभ, मध्य फारसी)
Zihban
जिहबान
Ziyban
जियबान
ZABÂN (Persian)
ज़बान (फारसी)
ZUBAN (Urdu)
जुबान (उर्दू)
Game 8
खेल 8  
bhok
भोक
bhaak
भाक
bhak
भक
BAK
बक
bach
बच
VACH (speak, Sanskrit)
वच (संस्कृत)
vaj
वज
VAD (speak, Sanskrit)
वद (संस्कृत)
Game 9
खेल 9  
vach
वच 
vak
वक
vaak
वाक
VOCA (Latin)
वोका (लैटिन)
VOCAL (English)
वोकल (अंग्रेज़ी)
Game 10
खेल 10  
vak
वक
VAKTA (speaker, Sanskrit)
वक्ता
ADIVAKTA (adhi + vakta =advocate, Skt.)
अधिवक्ता (अधि+ वक्ता)
adhvoket
अधवोकेट
ADVOCATE
एडवोकेट (अंग्रेज़ी में वकील)
Game 11
खेल 11  
vachan (word, Sanskrit)
वचन
vakan
वकन
vakal
वकल
VAKIL (advocate, Persian, Urdu)
वकील
Game 12
खेल 12
VACH
वच
vachas
वचस
VECHIS (old Persian)
वेचिस (पुरानी फारसी)
Game 13
खेल 13
bach bach
बच बच
chhabach
चबच
sabach
सबच
sapach> speech
सपच > स्पीच (अँग्रेजी)
sapak
सपक
sapik> SPEAK
स्पीक (अँग्रेजी)
Game 14
खेल 14  
vach
वच
bach
बच
pach
पच
paacha
पाच
PĀCHAI (language,Tamil)
पाचई (तमिल)
Game 15
खेल 15 
bhasha (language, Sanskrit)
भाषा
pasha
पाषा
pacha
पाचा
PĀCHAI (language,Tamil)
पाचई (भाषा, तमिल)
Game 16
खेल 16  
bach
बच
bachan > VACHAN (Sanskrit, Hindi)
बचन > वचन (संस्कृत, हिन्दी)
bajan
बजन
BAYAAN (statement, Urdu)
बयान (उर्दू)
bayal
बयाल
bol
बोल 


BOLI (dialect, language, Hindi)
बोली (हिन्दी)
MOLI (language, Tamil)
मोली (तमिल)
Game 17
खेल 17   
VACHAN
bachan 
वचन (संस्कृत, हिन्दी)
बचन 
bajan
बजन
bayan
बयन
BAYAN (Persian, Urdu)
बयान (फारसी, उर्दू)
BAYAN (Persian, Urdu) n is nasal
बयां (फारसी, उर्दू)
Game 18
खेल 18  
VACH (Sanskrit, speak)
वच
vach vach
वच वच 
vakvach
वकवच
kavchav
कवचव

Kvechua >QUECHUA (language of S. America)

क्वेचुआ (दक्षिण अमरीका की भाषा)
Game 19
खेल 19  
JIHVA
जिह्वा
jihval
जिह्वल
jiyval
जिय्वल
yiyval
यीयवल
yiyvan
यीयवन
YǓ YÁN (language, Chinese)
युयान (भाषा के लिए चीनी शब्द)
Game 20
खेल 20
bhok
भोक
bok
बोक
BEAK
बीक (चोंच के लिए अँग्रेजी शब्द)
meak
मीक
meekh
मीख
MUKH (Mouth in Sanskrit, Bengali, Hindi)
मुख (हिन्दी, संस्कृत, बांग्ला)
BHUK (hunger, eating, Sankrit)
भुक (संस्कृत)
BHOOKH (hunger, Hindi)
भूख (हिन्दी)
BHUCH
भुच
BHUJ
भुज (संस्कृत)
BHOJ
भोज (संस्कृत)
BHAJA
भाजा (हिन्दी)
BHAJI
भाजी (हिन्दी)


Jibha and Bhashi were deviating from words related to tongue and language. They were on the way now to play with words for mouth, food, hunger etc. Prof. Perfect and Dr Analytical were had no patience left. Dr Analytical stopped the kids’ game. He told me angrily:

जीभा और भाषी अब भाषा-संबंधी शब्दों को छोड़ कर मुख और खाने के शब्दों की और मुड़ गए थे। शायद उन्हे भूख लगी थी। प्रो॰निपुण और डा॰ विवेचक का धैर्य जवाब दे चुका था। विवेचक जी ने बच्चों को रोका, और मुझे ग़ुस्से में कहा:


“That’s enough of a kidding. This is bluffing. You are wasting time, yours as well as ours”.
"बस बहुत हुआ, यह क्या बचपना है। ये बच्चे टल मार रहें हैं, और तुम अपना और हमारा समय खराब कर रहे हो।
I tried to say: “Sir, it seems to be an interesting game. Perhaps it may shed some light on unknown aspects of the, evolution of languages.”
मैंने कहा: "सर, ये बच्चे रोचक खेल खेल रहें हैं। शायद भाषाओं के विकास को समझने में मदद मिले"।  


“Languages don’t evolve in this manner. Words have their roots. There are roots of words in different languages. There is no single origin of all languages. The kids are playing with many languages in the same game. Swahili, Arbaic, Latin, Sanskrit. Tamil, Chinese, Quechua! That is not allowed. They speak a newer word first and older one later. If you think that you love this game, you need a mental treatment. The mental hospital is not far away.”  Prof Perfect gave me a sarcastic smile”.
"भाषाएँ ऐसे नहीं बनती। सभी शब्दों की धातुएँ होती हैं। सभी भाषाओं में शब्दों की अलग-अलग धातुएँ होती हैं। सभी भाषाओं का कोई एक उद्गम नहीं हैं। ये बच्चे स्वाहिली, अरबी, लैटिन, संस्कृत, तमिल, चीनी, या क्वेचुया सभी भाषाओं से एक साथ खेल रहे हैं। कई बार नया शब्द पहले बोल रहें हैं और पुराना बाद में! अगर तुम्हें ये खेल पसंद है, तो मुझे लगता है कि तुम्हें दिमागी इलाज की जरूरत है। दिमाग का अस्पताल कोई दूर नहीं है"। --प्रो॰ निपुण के चेहरे पर वक्र मुस्कान उभरी।


“And moreover, I advise to you that don’t waste your time with these kids. Concentre on your biological research.” Said Dr Analytical.
“और सुनिए, मेरी सलाह है कि इन बच्चों के साथ अपना समय नष्ट करने की बजाय आप अपनी बायोलॉजी की  रिसर्च में ही ध्यान लगायेँ”।– डा॰ विवेचेक ने कहा।

“Today, here in my office, there has been travesty of linguistics. Had I not known you earlier, I would have thrown you out of this window.” Prof. Perfect turned his face away.
“आज यहाँ, मेरे सामने, भाषा-विज्ञान का मज़ाक उड़ाया गया है। अगर आप पूर्व-परिचित न होते तो इन बच्चों सहित मैं आपको खिड़की से बाहर फेंक देता।” – प्रो॰ निपुण ने गुस्से में मुंह फेर लिया।   

I sought his forgiveness for the crime. There was no need for any formality of asking for his permission to leave. He had already ordered me out.  Mr Curious came along to see us off. He whispered: “This is interesting. Buy a voice recorder. None of the kids’ talk should remain unrecorded.”   

मैंने उनसे क्षमा माँगी। चलने की आज्ञा मांगने की औपचारिकता की कोई आवश्यकता नहीं थी। पहले ही आदेश मिल चुका था। हम लौट चले। जिज्ञासु जी हमें बाहर तक छोड़ने आए, और फुसफुसाते हुए बोले: “रोचक है। एक वॉइस-रिकार्डर खरीद लीजिये। बच्चों के कोई भी शब्द बिना रिकार्ड हुए न रह जाए”।         



Back home, Jibha complained:
“Our word-game is no madness. We have firm rules of the game. We never violate the rules. We never replace D with L as the professor was doing in some imaginary word called *dn̥ǵʰwéhs to construct the word lingua. We change D to T, Th, Dh or J. but never from D to L.” 
घर पहुँचते ही जीभा बोली:
"हमारा शब्दों का खेल कोई पागलपन नहीं है। हमारे खेल के पक्के नियम हैं। हम कभी भी खेल के नियम नहीं तोड़ते। हम कभी ड से ल नहीं बनाते जैसा कि सर ने किसी काल्पनिक शब्द दिङ्ग्वेह से लिंगुया बताने में किया। हम तो ड से ट,,, या त,,, ध ही बनाते हैं। कभी-कभी द से ज भी। पर ड से ल तो कभी नहीं।
Why didn’t you tell the professor that your game is based on rules, and not on random blurts” I told them.  
अरे तो यह सब वहाँ बताना था कि तुम्हारा खेल नियमों पर आधारित है न की बेतरतीब बक-बक। -- मैंने कहा

“We remained mum because (a) they were experts who have spent their life-time in studying about words. We must respect the experts. (b) We were their guests; and (c) they were all angry. But I like Mr Curious, the gentleman who came out to see us off.”

“हम नहीं बोले। क्योंकि (क) वे लोग विद्वान हैं। पूरा जीवन उन्होने शब्द-चर्चा में लगाया है। वे माननीय हैं; (ख) हम वहाँ पर उनके मेहमान भी थे। और (ग) वे लोग गुस्से में भी थे। बस वह, जो हमें बाहर तक छोड्ने आए थे, जिज्ञासु जी, वही हमें पसंद आए”।   


Suddenly I realised that I was underestimating the kids. Although they look like kids, they were in fact the grandmothers of all of us!

मुझे लगा कि मैंने जीभा-भाषी को अभी तक नहीं पहिचाना है। ये दोनों दिखने में ही बच्चियाँ है, पर हैं तो हम सभी की नानियां!


“O.K. now tell the about the rules of your word–game.” -- I asked.
“Now listen, today we will disclose the principles and methods of our madness” –Jibha and Bhashi said in unison.

"अच्छा। क्या नियम हैं आपके खेल के"? -- मैंने पूछा।

"तो फिर सुनिए। हमारे पागलपन के नियम और सिद्धान्त"। --जीभा और भाषी ने एक स्वर में कहा।   

Read the principles of madness of Jibha and Bhashi in the next post... 
अगली पोस्ट में पढ़िए, जीभा और भाषी के पागलपन के सिद्धान्त...       





2 comments:

  1. Replies
    1. Thanks Vineet. Let us keep walking with the ancestors in search of the "DNA of Words".

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