Friday, October 17, 2014

प्राचीन भूगोलवेत्ता -1. जापान और ताइवान संस्कृत के शब्द द्वीपानि के अपभ्रंश हैं Ancient Geographers-1. Japan and Taiwan are derived from Dweepani, the Sanskrit word for Islands

English version at the end of the text in Hindi 
कल्पना कीजिए कि आप प्राचीन भारत के खोजी समुद्री यात्रियों के साथ सुदूर समुद्रों में नए द्वीपों की खोज कर रहे हैं। हमारे ये पुरखे नए खोजे गए द्वीपों को क्या कह रहे होंगे? जाहिर है, वे इन्हें संस्कृत शब्द द्वीप या उसके बहुवचन द्वीपानि कह रहे होंगे। अब जरा द्वीप और द्वीपानि शब्दों को ताइवान और ताइपे (ताइवान की राजधानी) और जापान से मेल करें। इसके लिए आप ध्वनियों की सारणी में दिये गए अनुमेय परिवर्तन (permissible mutation) के अनुसार ही चलें। जैसे  द > ज (विद्युत > विज्युत; द्युति > ज्योति); > ; > य    

द्वीपानि
त्वीबानी
त्यीवानी 
ताइवान 

द्विपे 
त्वीपे 
त्यीपे 
ताइपे (ताइवान की राजधानी) 
-------------------
द्वीपानि
ज्यिपानि
ज्यापान
जापान 
जापान.जापान
यापान.यापान
पानयापान  
पान्यापान
न्याप्पान
निप्पॉन  
निपों
निफों
निहों
दुनिया भर के शब्दकोश और विश्वकोश तो जापान, निप्पॉन, ताइवान, और ताइपे शब्दों के उत्स पर कुछ और ही कहते हैं। इसमें मैं क्या कर सकता हूँ?      

Ancient Geographers-1.  Japan and Taiwan are derived from Dweepani, the Sanskrit word for Islands

Imagine that you were sailing with the ancient Indian voyagers and discovering new islands in deep oceans. What would our ancestors said when they found islands in deep ocean? Obviously, they would call it dvIpa, the Sanskrit word for island, or dvIpani (the plural of dvIpa). Now match the words Japan, Taiwan and Taipei (capital of Taiwan) with dvIpani (plural of  dvIpa) and allow for permissible mutations given in the periodic table of sounds; e.g. in many Sanskrit words,  d  changes to j as in vidyut विद्युत to vidjut विद्जुत or dyuti द्युति to jyoti ज्योति.

Dvipani
Tvibani
Tyivan
Taiwan

Dwipa
Twipe
Taypei
Taipei

Dvipani
Jyipani
Jyapan
Japan
JapanJapan
YapanYapan
Panyapan
Nyappan
Nippon
Nipon
Niphon
Nihon


However, the dictionaries and encyclopedias have entirely different theories about the origin of the words Japan, Nippon, Taiwan and Taipei. What can I do about that?  

Sunday, October 12, 2014

क्या रावण के दस सिर और बीस हाथ थे ? Did Ravan have ten heads and twenty hands?


क्या रावण के दस सिर और बीस हाथ थे? नहीं, निश्चय ही नहीं; क्योंकि मानव शरीर एक परिपूर्ण रचना है, और दस सिरों की बात छोड़िए एक की जगह दो सिर भी इस शरीर रचना के डिज़ाइन में फिट नहीं हो सकते। गर्भावस्था में किसी गड़बड़ी के कारण, अगर कोई दो सिर वाला बच्चा पैदा हो जाता है, तो वह अधिक दिन नहीं जीता। तो फिर रावण के दस सिरों का क्या रहस्य हैदस-सिर और बीस हाथों वाले रावण की यह रोमांचक कहानी हम भारतीयों को बचपन में दूध के साथ ही पिला दी जाती है। रावण को हम दशानन कहते हैं और दशहरे के दिन रामलीला में रावण के दस सिर वाले पुतले को जलते हुए देखने का आनंद लेते हैं। वास्तव में रामलीला की परंपरा लगभग 450 वर्ष पुरानी है। सबसे पहले गोस्वामी तुलसीदास ने काशी में रामलीला शुरू की थी। यह रामलीला उनके द्वारा लिखे ग्रंथ श्रीरामचरितमानस पर आधारित थी। आज भी यह परंपरा जारी है। तुलसी रामायण में राम-रावण युद्ध में राम बार-बार रावण के सिर काटते हैं, लेकिन हर बार कटे हुए सिर के स्थान पर नया सिर उग जाता है। अंत में राम को बताया जाता है कि रावण की नाभि में अमृत है, जब तक वह अमृत नहीं सूखेगा, तब तक रावण के कटे हुए सिर फिर उगते रहेंगे। राम तीर मार कर पहले रावण की नाभि का अमृत सुखाते हैं, तब जा कर रावण को मार पाते हैं! यही रोचक कहानी अभी तक चल रही है। इसे इस तरह समझा जा सकता है कि सुपरमैन, स्पाइडरमैन, बैटमैन जैसे मायावी मनुष्य न थे, न होते हैं, न होंगे, फिर भी हम रोमांचक मनोरंजन के लिए उन्हें पसंद करते हैं। समस्या यह है कि हम सुपरमैन, स्पाइडरमैन आदि की आधुनिक कहानियों को सच नहीं मानते, किन्तु रामायण के अलौकिक प्रसंगों को पूरी धार्मिक श्रद्धा के साथ सच मानते हैं! उन पर अविश्वास करने का तो प्रश्न ही नहीं। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि अगर भगवान अवतार लेते हैं, तो उन्हें भी लीला करते हुए, प्रकृति के नियमों का पालन करना पड़ता है। भगवान रोते हैं, उन्हें चोट भी लगती है, वे मूर्छित भी होते हैं, और दवा समय पर न पहुँचने पर भगवान की जान को  भी खतरा होता है। किन्तु जरा सोचिए कि अगर प्रकृति के नियम भगवान पर भी लागू होते हैं, तो फिर राक्षसों को उनसे कैसे छूट मिल सकती है? सबसे पहली रामायण महर्षि वाल्मीकि ने लिखी। माना जाता है कि वाल्मीकि श्री राम के समकालीन थे। तुलसी रामायण उसके हज़ारों साल बाद लिखी गयी, और इस बीच सैकड़ों पीढ़ियों में कहते-सुनते मूल कथा में बदलाव आते रहे। सबसे प्राचीन वाल्मीकि रामायण को पढ़ने से कुछ रोचक बातें सामने आती हैं। वाल्मीकि जी ने रावण के लिए अनेक शब्दों का प्रयोग किया है -- रावणलंकेश, लंकेश्वर, दशानन, दशग्रीव, शकंधरराक्षससिंहरक्षपतिराक्षसाधिपम्राक्षसशार्दूलम्, राक्षसेन्द्रराक्षसाधिकम्, राक्षसेश्वरः, लंकेश, लंकेश्वर। कुछ गिनती के स्थानों को छोड़ कर लगभग जहाँ कहीं भी वाल्मीकी ने रावण के लिए दस-सिर सूचक -- दशानन, दशग्रीव या दशकंधर जैसे शब्दों का प्रयोग किया है, वहाँ हम पाते है कि रावण अपने मंत्रियों से घिरा हुआ बैठा है। प्रायः अन्य स्थानों पर रावण के लिए राजन, रावण, राक्षसेंद्र, लंकेश, लंकेश्वर शब्दों का प्रयोग हुआ है। वाल्मीकि रामायण में अनेक प्रसंगों में रावण के मंत्रियों के नाम बिखरे हैं। रोचक बात है कि रावण की मंत्रिपरिषद् में नौ मंत्री है (नवरत्न परंपरा!) और ये सभी मंत्री रावण के भाई, भतीजे, मामा, नाना आदि सगे रिश्तेदार है -- 


1. कुंभकर्ण (भाई), 2. विभीषण (भाई), 3. महापार्श्व (भाई), 4. महोदर (भाई),  5. इंद्रजित (बेटा), 6. अक्षयकुमार (बेटा), 7. माल्यवान (नाना का भाई), 8. विरूपाक्ष (माल्यवान का बेटा, रावण का सचिव), और 9. प्रहस्त (मामा, प्रधान मंत्री)।  
बहुत संभव है कि ये सभी मंत्री जो निकट के रिश्तेदार थे, शायद देखने में भी एक जैसे लगते होंगे! यानी रावण सभा में एक नहीं दस रावण दिखते होंगे! जब रावण की घायल बहन शूर्पनखा रावण की राज्य सभा में जाती है, तो वाल्मीकि लिखते हैं कि रावण मंत्रियों से घिरा बैठा था। "उसके बीस भुजाएँ और दस मस्तक थे" विंशद्भुजं दशग्रीवं दर्शनीयपरिच्छदम् (वा॰ रा॰ 3/32/8)। नाक-कान काटे जाने से आहत एक बहन जब अपने एक भाई को शत्रु से बदले के लिए उकसाने के लिए जाती है, तो महल में एक के स्थान पर दस भाई-भतीजों को देख उसे स्वाभाविक ही अपनी रक्षा के तैयार दस सिर और बीस भुजाएँ दिखती हैं। इसी तरह जब हनुमान को बंदी बना कर रावण की मंत्री परिषद के सामने पेश किया जाता है, तब हनुमान देखते हैं कि रावण के दस सिर हैं-- शिरोभिर्दशभिर्वीरं भ्राजमानं महौजसम्  (वा॰ रा॰ 5/49/6) किन्तु, यह बताना महत्वपूर्ण है कि इससे ठीक पहली रात को जब सीता की खोज कर रहे हनुमान रावण के अन्तःपुर में घुसते हैं, और रावण को पहली बार देखते हैं, तो वहाँ स्पष्ट रूप में, बिना किसी भ्रम केशयन कक्ष में सो रहे रावण का एक सिर और दो हाथ ही देखते हैं (वा॰ रा॰ 5/10/15)। वाल्मीकि ने वहाँ सोते हुए का रावण और उसके अंतःपुर का विस्तृत वर्णन किया हैं। पूरे अध्याय में वाल्मीकि ने एक बार भी रावण के लिए दशानन, दशकंधर, दशग्रीव जैसे शब्दों का प्रयोग नहीं किया। इस अध्याय में रावण के  लिए शब्द हैं: राक्षसाधिपम्रावणंराक्षससिंहराक्षसशार्दूलम् (राक्षसों में शेर), राक्षसेन्द्र, राक्षसेश्वरः, रक्षःपतेः/ राक्षसपति,  राक्षसाधिकम्। 

रावण की नाभि में अमृत का रहस्य
तुलसी रामचरितमानस के अनुसार रावण की नाभि में अमृत कुंड था। अतः युद्ध के मैदान में जैसे ही रावण का कोई सिर कटता था, वैसे ही एक नया सिर उसके स्थान पर आ जाता था। मेरा निवेदन है कि हम नाभि का अर्थ शरीर में गर्भ नाल के निशान वाले स्थान को न माने। संस्कृत में नाभि के 18 अर्थ है, जिनमें एक अर्थ "निकट की रिश्तेदारी, बिरादरी, जाति आदि का समुदाय" भी है। शायद इस अर्थ का उत्स यह है की एक माता के सभी बच्चे गर्भ में किसी समय अपनी-अपनी नाभि-नाल से माता से जुड़े हुए थे। अतः वे नाभि या सनाभि कहलाते हैं। अतः 'रावण की नाभि में अमृतकुंड' का केवल इतना ही अर्थ लगाया जाना चाहिए कि जैसे ही रावण का कोई सिर कटता था यानी जैसे ही कोई मंत्री मरता था, तुरंत रावण के परिवार का कोई अन्य सदस्य उसका स्थान ले लेता था। इस तरह सिर कटते गए, नए सिर आते गए। जब राम ने सभी रिश्तेदार मंत्रियों-सेनापतियों का मार दिया, तब ही रावण और उसकी सेना का मनोबल गिरा और उसे मारा जा सका। वाल्मीकि रामायण में हमें रावण के उन तमाम रिश्तेदारों (उपमंत्रियों और सेनापतियों) की सूची मिलती है जिनसे समय-समय पर रावण ने मंत्रणा की या जिन्हें विशेष ज़िम्मेदारियाँ दी। रावण के ये वैकल्पिक सिर थे – त्रिशिरा (बेटा), देवांतक (बेटा), नरान्तक (बेटा)अतिकाय  (बेटा)कुम्भ (भतीजा -- कुंभकरण का बेटा)निकुंभ (भतीजा -- कुंभकरण का बेटा)जंबूमाली (मामा प्रहस्त का बेटा), दुर्मुख, वज्रद्र्न्ष्ट्र, वज्रहनु, शुक,  सारण, धूम्राक्ष, आदि।                                             दशानन और दशरथ
रावण की 1+9 मंत्रिपरिषद् की तरह राम के पिता और अयोध्या के राजा दशरथ की मंत्रिपरिषद् में भी नवरत्न व्यवस्था थी-- आठ मंत्री (वा॰ रा॰1/7/3), और एक पुरोहित थे। एक अतिरिक्त पुरोहित (वा॰ रा॰1/7/4) और आठ अतिरिक्त मंत्री (वा॰ रा॰ 1/7/5) भी थे। लेकिन रावण की व्यवस्था के विपरीत दशरथ के मंत्रियों में उनके किसी भी रिश्तेदार होने की सूचना हमें वाल्मीकि रामायण में नहीं मिलती। दशरथ का अर्थ 'दस रथों वाला' माना जाता है। किन्तु यदि दशानन / दशमुख का अर्थ 1+9 नवरत्न मंत्रियों वाला राजा है, तो हमें यह सोचना होगा कि क्या दशरथ का भी कोई वैकल्पिक अर्थ हो सकता है? संस्कृत में रथ शब्द के अनेक अर्थ हैं। रथ का प्रमुख अर्थ तो वाहन है, किन्तु रथ के अन्य अर्थों में 'शरीर', 'अवयव, ‘अंग’, ‘सदस्य’, योद्धा’, ‘नायक भी हैं। अतः दशरथ का अर्थ 'दस-सदस्य वाली (राज्य व्यवस्था)' भी हो सकता है! क्या उस युग के दो प्रमुख राज्यों अयोध्या और लंका में, अधिनायकवादी राजतंत्र से कुलीनतांत्रिक राजतंत्र में परिवर्तन के प्रयोग चल रहे थे। दशरथ के बाद का रामराज्य तो जनवादी राजतंत्र था ही।      

Friday, October 10, 2014

Spice and Condiment-- Sanskrit words with European accent स्पाइस spice और कॉनडिमेंट condiment-- संस्कृत शब्दों के यूरोपियन उच्चारण

हम 'मसाला' की बात कर चुके हैं (मिश्र से मसाला)। मसाले को अँग्रेजी में स्पाइस spice कहते हैं। माना जाता है यह लैटिन के स्पीसीज़ species शब्द से निकला। पहले फ्रेंच में एपाईस épice के रूप में पहुंचा, और वहाँ से अँग्रेजी में 1175-1225 के आसपास स्पाइस के रूप में आया। लैटिन में स्पीसीज़ का शाब्दिक अर्थ है -- रूप, दिखावट, बनावट जिससे किसी वस्तु या जीव की अलग से पहचान हो सके। अब भला स्पीसीज़ यानी रूप का स्पाइस यानी मसाले  से क्या वास्ता? मसाले भारत से यूरोप गए, तो यह उचित ही होता कि यूरोपियन भाषाविदों ने स्पाइस शब्द के भारतीय उत्स पर भी विचार किया होता! स्पाइस का प्राण उसकी गंध है। संस्कृत में गंध के लिए वास शब्द है और सुगंध के लिए सुवास। यह सुवास ही यूरोपियन उच्चारण में स्पाइस बना होगा -- सुवास > सिबास > सिपास > स्पीस > स्पाइस !    
मसाले के लिए स्पाइस spice के अतिरिक्त एक और अंग्रेजी शब्द हैं कॉनडिमेंट condiment. शब्दकोश में इसका अर्थ है "सरसों, केचप, नमक, या मसाले के रूप में भोजन को एक विशेष स्वाद देने के लिए पदार्थ। अँग्रेजी व्युत्पत्ति के विद्वान इसका उत्स अचार के लिए लैटिन शब्द कोंडीरे condīre से बताते हैं।  कोंडीरे condīre बना है condere कोंडेरे से जिसका अर्थ है भंडारण। लैटिन के कोंडीरे condīre से बना लैटिन शब्द कॉनडिमेंटम condīmentum जो फ्रेंच यात्रा करते हुए 1400-50  के आसपास अंग्रेजी में कॉनडिमेंट के रूप में आ पहुंचा। किन्तु हम भारतीय तो मसालों के पुराने व्यापारी भी हैं और चटोरे भी हैं। अतः मसाले से संबंधित कोई शब्द कितना भी विदेशी उच्चारण से बोला जाये, क्या हम उसे पहचान न लेंगे। मसाले का संबंध सुगंध से है। अतः मसाला के लिए संस्कृत का गंध.मन्तम लैटिन में जाते–जाते कंध.मन्तम और फिर कॉनडिमेंटम और फ्रेंच और अँग्रेजी का कॉनडिमेंट बना होगा। यह ग से क का परिवर्तन ठीक वैसा ही है जैसे गाय से काऊ cow में हुआ; और ध से ड वैसे ही जैसे दंत से डेंट में हुआ।  आप क्या कहते हैं?   

We have already discussed the origin of masala, the Urdu-Hindi for spice and its Arabic synonym masaleh.  What about the word ‘spice’ itself? Etymologist say that spice is a derivative of the Latin word ‘species’ which changed to épice in French, and to spice of English around 1175-1225. The Latin word species literally means - appearance, sort, kind; i.e. some sort of identity of an object or organism. Since spices were introduced to Europe from India, it would have been fair that European linguists should have considered an Indian origin for the word spice rather than linking it to a similar sounding species. The special property of spice is its flavour and smell.  One of the Sanskrit words for smell  or flavour is  vAs वास and suvAs सुवास is the word for good smell or fragrance. The word suvAs might have changed to spice due to difference in pronunciation suvAs > sibAs > sipAs > spise > spice / épice. 
Another English word for flavouring agent is ‘condiment’.  Its dictionary meaning is “something used to give a special flavor to food, as mustard, ketchup, salt, or spices”. According to English etymology, 'condiment' comes from Latin word condire "to preserve, pickle, season'. Condire is a variant of condere  "to put away, store". Latin word condire changed to Latin  condimentum" or spice, seasoning, sauce," , and then to condiment in Old French  13th century and in English in 15th century.  However, we Indians have been dealing in spices for several millennium. Therefore, no matter how much the pronunciation might have changed, we can easily recognize an Indian word for spice. Spice is all about aroma and flavour. The Sanskrit word  'Gandha.mantam'  i.e.  ‘full of fragrance’  seems to have changed to 'kandha.mantam’ to Latin ‘condimentum' (!) and condiment of French and English. It is the same change of from g in gAy गाय to cow; and dh to D as in dant दंत से dent डेंट. What's your take on it? 

Thursday, October 09, 2014

मसाला (उर्दू, हिन्दी) और मसालेह (अरबी) शब्द कहाँ से आये ? The Origin of masala (Urdu, Hindi) and masaleh (Arabic)


मसाला (उर्दूहिन्दी) और मसालेह (अरबी) एक शब्द के रूप हैं जिसका अर्थ है भोजन को सुगंधित और स्वाद बनाने का पदार्थ। प्रायः एक से अधिक पदार्थ मसाले के रूप में भोजन में प्रयोग होते हैं। और कुछ मसाले तो अनेक वस्तुओं का मिश्रण होते हैंजैसे ‘गरम मसाला’, ‘सांभर मसाला’, ‘चना मसाला’, ‘अचार मसाला’, ‘पान मसाला’ आदि।  मिश्रण शब्द संस्कृत के मिश्र से बना विशेषण है। यह मिश्र’ शब्द ही बिगड़ कर मसाला और ‘मसालेह’ बन गया है
मिश्र (संस्कृत) > मिशर > मिशल > माशल > मशाला  > मसालेह (अरबी) / मसाला (उर्दूहिन्दी)।
भोजन में सुगंधित मिश्रण के अतिरिक्त मसाला और मसालेह शब्दों का प्रयोग कई अन्य मिश्रणों के लिए भी होता हैजैसेतेलऔषधियाँऔर आतिशबाज़ी का बारूद। 
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Masala (Urdu, Hindi) and Masaleh (Arabic)

Masala (Urdu, Hindi) and Masaleh (Arabic) mean spices used to make the foods tasty and full of flavours. Quite often, more than one substance is used as a spice in food. Some spices such as 'garam masala', 'sambar masala', 'chana masala', 'pickle masala', 'pan masala', are in fact a mixture of several spices. Interestingly, the Sanskrit word mishra मिश्र which means mixture has mutated to become masala (Urdu, Hindi) and masaleh (Arabic) –
mishra (Sanskrit) > mishar > mishal > mashala > masala (Urdu, Hindi) / masaleh (Arabic).
Besides, their usage as spice, the words masala (Urdu, Hindi) / masaleh (Arabic) are also used for a variety of mixtures and blend of oils, medicines, and gunpowder for fireworks. Interestingly, the word ‘mixture’ itself is a variation of the past participle of the Sanskrit  mishra (= mix).
mishra > mishrit (past participle of mishra) > mishshrit > michshrit >mikshrit > mixrit  > mixtir > mixture. 

Wednesday, October 08, 2014

माँ-माई बन गयी मम्मी और दादू / दद्दू हो गए डैडी ! Mummy from ma-mai and daddy from dada / daddu!


स्वाधीनता के शुरुआती दशकों में हमारे देश में आधुनिकतावाद की लहर चली। उस दौर में माता-पिता के लिए हज़ारों वर्षों से चले आ रहे देसी शब्दों का स्थान इंगलैंड से आए मम्मी-डैडी ने ले लिया। किन्तु आजकल भारत में दशकों से दबा हुआ पुनरुत्थानवाद ज़ोर पकड़ रहा है। प्राचीन काल के 'वैभव' और मान्यताओं की बात चल रही है। मम्मी-डैडी जैसे कुछ मासूम शब्द भी काली सूची में आ रहे हैं। कुछ पुनरुत्थानवादियों को मम्मी शब्द में मिस्र के पिरामिड में रखी ममी की बदबू आती है और प्यारे डैडी / डैड में उन्हे पिता की मृत्यु दिखाई दे रही है । माता-पिता शब्दों की वापसी का आग्रह है। जहां यह सच है कि हमने मम्मी-डैडी जैसे शब्दों को आधुनिक बनने की अंधी होड़ में अपनाया था, वहीं यह भी सच है कि मम्मी का मृत्यु / मृतक, या ममी से और डैडी / डैड का डैड (dead) से दूर का भी कोई संबंध नहीं है। मम्मी-डैडी, ये दोनों शब्द माता-पिता के लिए बोले जाने वाले नैसर्गिक शब्दों के ही  उच्चारण  रूप हैं। ये दोनों शब्द शिशु द्वारा बोले जाने वाले पहले शब्दों में से हैं। जैसे माँ-माई या माँ-मैया  > मामाई / मामईया > मम्मी। इसी तरह दादा > दैदा > दैदी >  डैडी। या दादा >  दादू > दद्दू > दद्दी > डैडी ।       
Waves of modernism swept the Indian society in the early decades after the Independence. Ancient Indian words for mother and father were almost replaced by the English mummy and daddy. Recently, the undercurrent of revivalism that had remained dormant for decades has gained voice. There is talk of 'grandeur' and values of ancient India. In this scenario, some innocent words such as mummy and daddy are also being blacklisted. For some revivalists, the word mummy for mother smells of the mummy from Egyptian pyramids. And the word 'dad' sounds like a 'dead' father. There is an appeal for return to the Indian words for mother and father. While it is true that we had adopted the words mummy and daddy during a blind spree for modernism, it is equally true that the words mummy and daddy are not even remotely connected to any word for death or dead.  In fact, both mummy and daddy are natural sounds spoken by an infant; ma-mai or ma-maiya > mammai / mamaiya > mummy. Similarly, dada> daddu > daddy. 

Tuesday, October 07, 2014

Picture is a derivative of Sanskrit word bhid.chitra भिद्चित्र [wall painting ] संस्कृत का भिद्चित्र बिगड़ कर अँग्रेजी का पिक्चर बन गया

bhid / bhitti भिद् /भित्ति = wall + Chitra चित्र = picture, painting

bhid.chitra भिद्चित्र = wall painting
pit.chitra पित्चित्र
pi.chittra पिचित्त्र 
pi.chitir पिचितिर
pic.ture पिकतुर
Picdur  पिक्दर
Picjur पिकजर  
Pikchar पिक्चर 
















[A pre-historic wall painting in Bhimbetka, Madhya Pradesh, India, photo by Rajendra Gupta
भीमबेटका, मध्य प्रदेश, भारत में एक इतिहास-पूर्व  का भिद्चित्र, राजेंद्र गुप्ता]        

Dictionary.com has this on etymology of picture 1375-1425; late Middle English < Latin pictūra the act of painting, apainting, equivalent to pict (us) (past participle of pingere to paint) + -ūra-ure

Friday, October 03, 2014

संस्कृत शब्दों वायु और आर्द्र से बना यूरोपियन शब्द वेदर (मौसम) Weather from Sanskrit words vayu (air) and aardra (humidity)


कुछ प्रासंगिक नोट्स-- 
आर्द्र नमीं या गीलेपन के लिए एक प्राचीन संस्कृत शब्द है। आर्द्र से ही आर्द्रता और शतद्रु बने हैं। आर्द्रता ArdratA, आर्द्रत्व Ardratva = नमी, गीलापन, moisture, wetness; और शतद्रू (शत + आर्द्रु ) ऋग्वेद में मिलता है। अर्थ है 'सौ धाराओं में बहने वाली यानी शतद्रु नदी जिसका आधुनिक नाम सतलुज है। 
शतद्रु > शतदलु > शतलुद > सतलुज 

Additional notes: 
Aardra and aardrataa are ancient Sanskrit word that mean humidity, wetness. 
Shatadru (< shat, ie. hundred + aardra) is the ancient name of the river Satluj.   

However according to dictionary.com Word Origin and History for weather  

n. Old English weder, from Proto-Germanic *wedran (cf. Old Saxon wedar,Old Norse veðr, Old Frisian, Middle Dutch, Dutch weder, Old High Germanwetar, German Wetter "storm, wind, weather"), from PIE *we-dhro-,"weather," from root *we- "to blow" (see wind (n.)). Spelling with -th- firstappeared 15c., though pronunciation may be much older.
Weather-beaten is from 1520s. Under the weather "indisposed" is from1827. Greek had words for "good weather" ( aithria, eudia) and words for"storm" and "winter," but no generic word for "weather" until kairos(literally "time") began to be used as such in Byzantine times. Latintempestas "weather" (see tempest ) also originally meant "time;" andwords for "time" also came to mean weather in Irish ( aimsir), Serbo-Croatian ( vrijeme), Polish ( czas), etc.


Thursday, October 02, 2014

कंकरित सहबंध बन गयी कंक्रीट सीमेंट Concrete from kankarit (= mixed with pebbles) of Indian languages


The following origin of concrete is given in the dictionary.com (http://dictionary.reference.com/browse/concrete): 

Concrete, an artificial, stonelike material used for various structural purposes,made by mixing cement and various aggregates, as sand, pebbles,gravel, or shale, with water and allowing the mixture to harden.

Origin:  1375-1425; late Middle English concret < Latin concrētus (past participleof concrēscere to grow together), equivalent to con- con- + crē- (stem of crēscere to grow, increase; see -esce ) + -tus past participle ending

Wednesday, October 01, 2014

सीमेंट यानी सहबंध Cement from Sanskrit word sahabandh, i.e. to bind together

सीमेंट चूने से बना पदार्थ है, जिसका प्रयोग भवन निर्माण में ईंट-रेत-कंकर को जोड़ने के लिए होता है। और तो और सीमेंट शब्द का व्यापक अर्थ भी 'जोड़ने वालाही है। यह संस्कृत के सहबंध का ही बिगड़ा रूप है। सहबंध > सयमंध > सयमंत > सीमेंत > सीमेंट। लेटिन में इसे सीमेंटम कहते हैं, और वहीं से यह शब्द 1250-1300 ई. में अंग्रेज़ी में आया।  
आपको हैरानी होगी कि अँग्रेजी का शब्द हसबैंड यानी पति भी सहबंध से ही बना है! देखिये यह लिंक -- 
Valentine, wedding, valency, bond, husband, PATI, PATNI, BEENDH and BEENDHANI वेलेंटाइन, वेड्डिंग, वेलेंसी, बॉण्ड, हस्बेंड, पति, पत्नी, बींध और बींधनी

Cement is the limestone based material that is used in building construction to join bricks, stones, gravel and sand. Cement is also a general word for anything that binds or unites. Its DNA is made of the Sanskrit word SAHABANDH (to bind together). SAHABANDH सहबंध may have mutated to cement in this manner sahabandh > sayamandh > sayamant > sement > cement.  
However, this is what the etymologists have to say according to dictionary.com:  
Cement. 1250-1300; < Latin cēmentum, variant of caementum (singular of caementa unprocessed cuttings from the quarry, i.e., rough stone and chips) < *caed-mentom, equivalent to caed (ere) to cut + -mentum -ment; replacing Middle English cyment < Old French ciment < Latin, as above

Tuesday, September 30, 2014

चक्रीय से बना स्क्रू Screw is a variation of the Sanskrit word chakriya, i.e. circular


स्क्रू (screw) या पेच यानी ऐसी कील जिसमें चूड़िया बनी हुई हों। वा. शि. आप्टे के अनुसार संस्कृत में स्क्रू को कर्ष्णी (खींचने वाली) और व्यावर्तन कीलः (घूमने वाली कील) कहते हैं। लगता है कि ये दोनों संस्कृत शब्द रेल के लिए मोनियर-विलियम द्वारा बनाए शब्द 'लोहमार्गः गामिनी' जैसे कृत्रिम शब्द हैं। वास्तव में अंग्रेज़ी शब्द screw स्क्रू का डीएनए तो संस्कृत शब्द 'चक्रीय' से बहुत मिलता है। स्कू पर चक्रीय चूड़ियाँ बनी होती हैं। स्क्रू के अर्थ में चक्रीय संस्कृत में लुप्त हो चुका है। किन्तु इस शब्द को एक यरोपियन भाषा ने स्क्रू के रूप में बड़े सहेज कर रखा है।  

Screw is a fastening nail with helical threading. According to VS Apte, the Sanskrit words for screw are KARSHNI (pulling) and VYVARTANKEEL (rotating nail). Both words appear to be as artificial coinage as the word 'lohmarg gamini' for the railway by Monier-Williams. The word screw shares its DNA with the Sanskrit word 'chakriya' (chakriya > chakruya > sakruya > sakruwa > screw. The word chakriya for screw is now extinct in Sanskrit. However, Sanskrit’s European daughters have preserved it with love. 

The etymologists have this to say. According to dictionary.com:   
"Screw. 1375-1425; late Middle English scrwe, screw (e) (noun); compare MiddleFrench escro (ue) nut, Middle Dutch schrûve, Middle High German schrûbescrew"